'भ्रष्टाचार का ऊँट' अब किस करवट बैठेगा?
- अपनी बात |
- निर्मला रानी |
- बुधवार, 03 अगस्त 2011 05:30
सरकार द्वारा सदन में लोकपाल विधेयक लाए जाने में तत्परता दिखाए जाने का कारण भी महज़ टीम अन्ना हज़ारे द्वारा सरकार पर डाला गया दबाव ही है।
नई साइट पर चन्द शब्द
- अपनी बात |
- मीडिया डेस्क |
- शनिवार, 06 अगस्त 2011 05:30
जी हाँ आप हिन्दी मीडिया की ही साइट पर है. साइट अब अपने नए अवतार में आपके सामने है. नई साइट पर क्या नहीं बदला?औरक्या कुछ बदल गया है?
बच्चों को इतिहास के नाम पर ये क्या पढ़ाया जा रहा है?
- दो टूक |
- रवि |
- बुधवार, 02 मई 2012 18:13
यह पढ़ाया जा रहा है आपके बच्चों को.....जरूर पढ़ें और इसे अन्य लोगों तक भी पहुँचाएँ!
खतरे में है देश का गोवंश
- अपनी बात |
- Super User |
- शुक्रवार, 22 जुलाई 2011 12:23
देश की आजादी के समय भारत में गोवंश की संख्या लगभग 18 करोड़ थी। 1993 की पशु गणना में गोवंश घटकर आधे से भी कम यानी 8 करोड़ 85 लाख आठ हजार रह गया।
नए घोटाले करने के लिए खाद्य बिल में संसदीय प्रक्रिया आड़े नहीं आई
- दो टूक |
- अभिषेक नवरतन |
- मंगलवार, 20 दिसम्बर 2011 16:21
न यह बिल संसद कि स्थायी समिति के पास गया न ही और किसी प्रक्रिया में उलझा। तो इसका सीधा अर्थ यह ही निकलता है कि काँग्रेसी नेताओं के लिए इटालियन मैडम और उनका बेटा ही सर्वोपरि है।
पुलिस को मालूम था धमाके होंगे, फिर भी सोती रही पुलिस
- अपनी बात |
- Super User |
- शुक्रवार, 22 जुलाई 2011 12:22
महाराष्ट्र पुलिस के एंटी टैरेरिस्ट स्क्वाड (एटीएस) ने हाल ही में इंडियन मुजाहिदीन के दो आतंकवादियों को पकड़ा था, जिनसे पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चल गया था कि मुंबई में आतंकवादी हमले हो सकते हैं औऱ आतंकवादियों का एक समूह यहां आतंक फैलाने का षडयंत्र कर रहा है।
अगर शर्म और गैरत है तो सवाल पूछती मासूम आँखों में झाँकिये!
- दो टूक |
- दिव्या शर्मा |
- गुरूवार, 08 सितम्बर 2011 18:07
हमारे लिए आतंकवाद किसी टीवी शो के प्रायोजित कार्यकम से ज्यादा नहीं रह गया है, जहा हर व्यक्ति सौपे गए कार्य को जैसे तैसे पूरा करके अपना पलड़ा झाड़ने में लगा रहता है।
अगर जरा भी गैरत बाकी है तो कुर्सी छोड़िये...
- अपनी बात |
- Super User |
- शुक्रवार, 22 जुलाई 2011 12:21
मुंबई के बम धमाकों ने देश के हर आदमी को झकझोर कर रख दिया है, लेकिन अगर किसी पर कोई फर्क नहीं पड़ा है तो वे हैं राजनेता- वे काँग्रेस में भी हैं और भाजपा में भी कम्युनिस्ट पार्टी में भी हैं और दूसरी पार्टियों में भी।




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