उत्तम समाज के निर्माण में इस्लाम की भूमिका
- अध्यात्म-गंगा |
- मो. रफ़ीक चौहान |
- शुक्रवार, 11 नवम्बर 2011 05:23
आध्यात्मिकता इन्सान की प्रकृति में रची-बसी है। भौतिकवादी जीवन-प्रणाली के सारे भोग-विलास, ऐश व आराम सिर्फ़ शरीर को सुख देते हैं, आत्मा प्यासी रह जाती है। मानव-प्रकृति यह प्यास बुझाने के लिए व्याकुल रहती है।
ओशो की नजर में गुरू नानक की अध्यात्मिक यात्रा
- अध्यात्म-गंगा |
- संदर्भ से |
- गुरूवार, 10 नवम्बर 2011 14:56
10 नवम्बर 2011 को कार्तिक पूर्णिमा है। यह सिक्ख सम्प्रदाय के लिए बहुत ही पवित्र दिवस है क्योंकि कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही इस सम्प्रदाय के संस्थापक और प्रथम गुरू नानक देव जी का जन्म हुआ था।
वास्तविकता और सत्यता को पहचानो
- अध्यात्म-गंगा |
- मो. रफीक चौहान (एडवोकेट) |
- शनिवार, 05 नवम्बर 2011 15:08
अक्सर जब कोई विचार आम धारणाओं एंव परम्पराओं से मेल नहीं खाता, तो अधिकतर लोग उसका विरोध करते हैं। लेकिन जब उसकी वास्तविकता और सत्यता सामने आती है।
अन्ना हजारे, सड़क पर उतरी युवा शक्ति और ओशो का नजरिया
- अध्यात्म-गंगा |
- ओशो |
- शुक्रवार, 19 अगस्त 2011 16:45
ओशो की भारत के जलते प्रश्न नामक पुस्तक में संग्रहीत उनके व्याख्यानों में भारत के कई ज्वलंत प्रश्नों का बेहद सारगर्भित दूरदृष्टिपूर्ण और तार्किक समाधान प्रस्तुत किया है। ओशो के संन्यासियों द्वारा भारत के भविष्य को लेकर पूछे जाने वाले विभिन्न प्रश्नों का ओशो ने जो जवाब दिये हैं वे आज अन्ना हजारे के आंदोलन के दौरान दिल्ली से लेकर देश के गाँव गाँव में सड़क पर उतरी युवा शक्ति की ताकत को एक नया अर्थ प्रदान करते हैं। आजसे से तीस चालीस साल पहले ओशो ने जो बात कही थी वह आज एकदम सही साबित हो रही है। प्रस्तुत है ओशो के प्रवचनों के मुख्य अंश।
इस्लामिक साहित्य सेः क्या कहती है शरीयत
- अध्यात्म-गंगा |
- मोहम्मद रफीक चौहान (एडवोकेट) |
- शुक्रवार, 05 अगस्त 2011 11:16
एक ईश्वरवाद का अर्थ है कि ईश्वर इस संसार के सभी प्राणियों की रचना एंव पालना करने के साथ-साथ उनका स्वामी भी है। राज्य और शासन उसी का है।




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