अमरीका में भारतीयों ने मनाया स्वतंत्रता दिवस
- अप्रवासी भारतीय
- सोमवार, 29 अगस्त 2011 20:41
- डैलस से रचना श्रीवास्तव
१५ अगस्त भारत का स्वतंत्रता दिवस ये दिन प्रत्येक भारतीय के ह्रदय में ख़ुशी की ज्योति प्रज्वलित कर देता है। इसी ख़ुशी को व्यक्त करने के लिए भारत से दूर अमेरिका के डैलस शहर में भी १५ अगस्त बहुत ही धूम धाम से मनाया गया। इण्डिया एसोशियेशन ऑफ़ नॉर्थ टेक्सस हर साल १५ अगस्त मनाने के लिए आनंद बाजार सजाती है।इस बार का आनन्द बाज़ार बहुत से मायने में महत्वपूर्ण रहा। जहाँ इण्डिया एसोशियेशन ऑफ़ नोर्थ टेक्सस अपनी स्थापना की पचासवीं वर्षगांठ मना रहा था वहीँ ये ३५ वाँ आनद बाज़ार था।
अत्यधिक गर्मी को देखते हुए इस बार आनन्द बाज़ार को ७ :45 बजे से प्रारंभ किया गया इस बार भी लोन स्टार पार्क में शाम से ही लोगों का आना प्रारंभ हो गया था। कार्यक्रम का प्रारंभ परेड से हुआ। जिसकी शनदार अगुवाई स्माइली बैंड ऑफ नोर्थ टेक्सस ने की। काँउसलर जनरल ऑफ इण्डिया हियुस्टन के उप काँउसलर श्री सुरेन्द्र शर्मा जी,पेप्सिको के श्री श्रीराज गोपालन, श्री गुन्टेश चौकसी जी,अभिनेता राजपाल यादव इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। मंच का कुशल संचालन चेयर ट्रस्टी श्रीमती शबनम मोदगिल ने किया।
पूरा मैदान भारतियों से भरा था। २० हजार से भी ज्यादा लोग अपने देश का स्वतंत्रता दिवस माने के लिए यहाँ उपस्थित थे। जब
राष्ट्रीय गान प्रारंभ हुआ तो सभी अपनी जगह पर खड़े हो गए और सुर में सुर मिलाने लगे। एक अजीब सी ख़ुशी और उत्साह था पूरे मौहोल में, यहाँ कुल मिला के १७० से भी ज्यादा बूथ लगे थे। जिनमें से करीब ४० खाने के स्टाल थे। भारत के हर प्रान्त का खाना यहाँ मौजूद था। नारियल पानी, पान, चाय, आनन्द बाजार में हर छोटी छोटी चाहतों का ध्यान रखा गया था। हम भारत से दूर हैं ऐसा बिलकुल भी नहीं लग रहा था। एक छोटा सा सुन्दर भारत यहाँ लोन स्टार पार्क में बसा था जहाँ न भाषा क़ी तकरार थी न मजहब क़ी दीवार। हर किसी के मुँह से बस भारत माता क़ी जय-जय कार निकल रही थी। यहाँ बच्चों के लिए किड्स कॉर्नर था, जहाँ बच्चों ने बहुत मजा किया। कार्यक्रम में सारेगामा पा और गुरुकुल प्रसिद्धि प्राप्त रुपाली, अपूर्व, आयेज ने अपनी गायकी से समां बांध दिया।
फिल्म अभिनेता राजपाल यादव ने भी लोगों का भरपूर मनोरंजन किया। उन्होंने कहा कि "देश से दूर रहकर भी यहाँ लोग इतने उत्साह से स्वतंत्रता दिवस मानते हैं ये अपने आप में एक विशेष बात है। प्रेसिडेंट एलेक्ट श्री श्रीधर रेड्डी, फन एशिया के जॉन हामिद जी, न्यू यॉर्क लाइफ इंशोरेंस के श्री कमल कौशल और श्री सुधीर पारिख, स्काई पास ट्रेवल्स के श्री विक्टर इब्राहीम, मनीग्राम की श्रीमती मीता बसीन, परफेक्ट टैक्स के महेश ठक्कर,लौस एंड ट्रेवेल्स के श्री बीजू थौमस, आपका कलर इमेजिन के धीरज कपूरिया ने मंच पर उपस्थित हो कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। ये आनन्द बाज़ार फेन एशिया और पेप्सिको के सहयोग से संपन्न हुआ।
रात्रि में करीब १२ मिनट तक बहुत सुंदर आतिशबाजी हुई जिसको देख सभी का मन आनंदित हो गया। आनन्द बाजार की व्यवस्था की सभी ने भूरि-भूरि प्रशंशा की। लोगों के अनुसार उनके जीवन में ये अनूठा अनुभव था देश से दूर यहाँ अमेरिका में कभी अपना स्वतंत्रता दिवस मना पायेंगे सोचा ही नहीं था। यहाँ आकर लगा ही नहीं कि हम भारत से इतनी दूर हैं।
इण्डिया असोशियेशन ऑफ़ नोर्थ टेक्सस के प्रेसिडेंट श्री जगदीश (जैक) गोधवानी जी ने बताया कि "ये ३५ वाँ आनन्द बाज़ार था। जो बहुत ही सफल रहा, पिछले साल की तरह इस बार भी सभी ने को प्यार और विश्वास दिखाया है मै सभी का आभारी हूँ और हृदय से धन्यवाद करता हूँ। आपके बिना ये कार्यक्रम इतना सफल नहीं हो सकता था।
उन्होंने बताया कि इण्डिया एसोशियेशन ऑफ़ नोर्थ टेक्सस की स्थापना १९६२ में हुई थी। इस संस्था को स्थापित हुए ५० साल हो गए हैं। मेरे ख्याल से ये अमेरिका में भारतियों द्वारा स्थापित ये सबसे पुरानी संस्था है। इतना बड़ा आयोजन बिना सहयोग के सम्पन नहीं हो सकता, मैं अपने सभी प्रायोजकों का धन्यवाद करता हूँ। एक बात और कहाँ चाहूँगा कि पूरे अमेरिका में १५ अगस्त पर डैलस को छोड़ कर कहीं भी आतिशबाजी नहीं होती है तो ये भी हम सभी के लिए गर्व की बात है श्री जैक गोधवानी बताया कि ये कार्यक्रम य़प टी वी के माध्यम से पूरी दुनिया में लाइव दिखाया गया। आनद बाज़ार की फोटो लेने के लिए बॉम्बे फोटोग्राफी का धन्यवाद।
रात के ११ बज कर ३० मिनट हो चुके थे पर बच्चे बड़े सभी मैदान में उपस्थित थे .बहुत से मामले में अनूठे रहे इस आननद बाज़ार क़ी याद दिल में बसाये देश भक्ति गीत गाते भारत माता की जय बोलते सभी भारतीय पुनः अगले साल आने की तम्मना अपने मन में लिए घरो को रवाना हो गए।





प्रेम भरोसा मांगता है। छल उसे कमजोर ही नहीं बनाता बल्कि उसे दूर भी कर देता है। सो निर्देशक अमित कसारिया की फिल्म आई डोंट लव यू भी ऐसे युवा दिलों की कहानी कहती है .
कहते हैं सपनों की कीमत अपनों से ज्यादा नही होती ..लेकिन कुछ लोग अपने सपनों को पूरा करने के लिए अपनों और रिश्तों को परवाह नहीं करते। औरंगजेब भी एक ऐसे ही साम्राज्य की कहानी कहती है.