जान देकर फ्राँस का हीरो बन गया राजिंदर सिंह
- भारत गौरव
- शुक्रवार, 07 अक्टूबर 2011 18:25
- मीडिया डेस्क
पंजाब में जन्मे राजिंदर सिंह (33 वर्ष ) सात साल पहले फ्रांस पहुँचे थे। पंजाबी छोड़कर उन्हें कोई भाषा नहीं आतीथी। पंजाब में बहन की शादी करनी थी , पैरिस में घरचलाना था , सो उन्हें दो नौकरियाँ करनी पड़ीं। पैरिस मेंउन्हें लेटर बॉक्स में विज्ञापन डालने और पिज्जा डिलीवरीका काम मिला। कुछ महीने पहले राजिंदर ने अपनीगर्लफ्रेंड विमला के साथ एक छोटे से अपार्टमेंट में शिफ्टकिया था। विमला की बहन मालिनी ने बताया कि राजिंदरछुट्टी के दिन भी काम करते थे।
वह पिछले गुरुवार को काम से लौट रहे थे, तभी उन्होंने देखा कि मेट्रो ट्रेन में कोई एक महिला का आई फोन चुराने की कोशिश कर रहा है। राजिंदर से यह देखा न गया और वह चोर से भिड़ गए। चोर ने उन्हें ट्रेन से उतार लिया और ट्रैक पर फेंक दिया , जिसके बाद राजिंदर पटरी में दौड़ रही करंट का शिकार हो गए। हमलावर फरार हो गया।
फ्रांस के अखबारों में ऐसी खबरें आम तौर पर खास जगह नहीं पाती हैं , लेकिन चोरी - झपटमारी पर लोगों के बढ़ते गुस्से के बीच राजिंदर सिंह का केस खासी चर्चा का विषय बन गया है। एक अखबार ली पैरिसियन ने इस खबर को छापा। अखबार के संपादक एंटन बैरट ने कहा , पहली बार हमने मौत की किसी स्टोरी पर इतनी कड़ी प्रतिक्रिया देखी। राजिंदर पर एक लेख भी छपा , जिसका शीर्षक था ' बाबू, हीरो ऑफ द मेट्रो। ' घर में लोग उन्हें प्यार से बाबू कहते थे। इस लेख पर 700 से ज्यादा टिप्पणियाँ आई। लोग बार - बार फोन कर पूछ रहे हैं कि हम इस मामले में क्या मदद कर सकते हैं। लोगों ने उनका शव भारत पहुँचाने का खर्च (5,000 यूरो ) उठाने काप्रस्ताव रखा है।
बुधवार को दो मंत्री मेट्रो स्टेशन पहुँचे और वहाँ राजिंदर को श्रद्धांजलि दी। ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर मारानी ने कहा, वह हीरो थे। उनके शव को पंजाब भेजने का खर्च पैरिस ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी उठाएगी। संस्कृति मंत्री फ्रेडरिकमितरां ने कहा कि भारतीय संस्कृति में जो शानदार बातें हैं , उनका प्रतिनिधित्व राजिंदर ने किया है।
खास बात यह है कि पैरिस की सड़कों और पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर चोरी - झीनाझपटी के लिए अमूमन विदेशियोंको जिम्मेदार माना जाता है। राष्ट्रपति निकोलस सारकोजी की सरकार ने अवैध प्रवासियों के मसले पर अपनारुख कड़ा कर लिया है। अगले साल अप्रैल में राष्ट्रपति चुनाव होने वाले हैं। बिना परमिट सड़कों पर सामान बेचनेवालों पर ज्यादा पेनल्टी लगाई जा रही है। राजिंदर की खबर मीडिया में छपने के बाद सरकार ने तेजी दिखाई।विडियो फुटेज से सुराग मिला और राजिंदर को धक्का देने वाला शख्स इजिप्ट मूल का निकला। 23 साल के इसलड़के को मंगलवार को एक बार से गिरफ्तार कर लिया गया। अब पुलिस को उस महिला की तलाश है , जिसेराजिंदर बचाना चाहते थे। उस महिला की गवाही इस केस में अहम होगी।
साभार-नवभारत टाई्म्स से




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