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हाल ही में मुझे कालिदास और विक्रमादित्य की अवंतिका नगरी में मुझे जाने का
सुयोग्य प्राप्त हुआ। हजारों साल से यह नगरी सभ्यता, संस्कृति और धर्म की
यात्रा की गवाह रही है।
कला, सौन्दर्य बोध, मध्यकालीन जीवन मूल्यों व धार्मिक आस्था की कालजयी
अभिव्यक्ति है, खजुराहो के प्रसिद्ध मंदिर। नागर शैली में बने यह विशाल
एवं भव्य मंदिर तत्कालीन चंदेल शासकों की कलाप्रियता, धार्मिक व सामाजिक
खुलेपन की शौर्य गाथा के प्रतीक हैं।
मध्य प्रदेश में इन्दौर के पास धार में स्थित वाघ की गुफाएँ प्राचीन भारत
के स्वर्णिम युग की अद्वितीय देन हैं। इंदौर से उत्तर-पश्चिम में लगभग 90
मील की दूरी पर, बाधिनी नामक छोटी सी नदी के बायें तट पर और विन्ध्य पर्वत
के दक्षिण ढलान पर स्थित हैं।
प्राचीनकाल के सोलह महाजनपदों में से एक `कुशीनारा' (आज कुशीनगर) अपने
प्राचीन, वैभवशाली गौरव तथा धर्म और शांति के लिए विश्व के धार्मिक
मानचित्र पर विशिष्ट स्थान रखता है।