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पाकिस्तान के लिए भारत में काटे जाते हैं लाखों पशु छापें ई-मेल
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आपकी बात |   मुजफ्फर हुसैन |  गुरुवार , 09 सितम्बर 2010
हमें गर्व है कि हम उस भारत देश के नागरिक हैं जो करुणा और दया का देश है, अहिंसा जिसकी पहचान है। विश्व में केवल भारत ने ही "जियो और जीने दो" का संदेश दिया है। हर वर्ष जब पर्यूषण-पर्व आता है तो वह इस बात की याद दिलाता है कि हम प्रकृति की गोद में खेलते सहस्त्रों मूक प्राणियों की भी रक्षा करें।

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मध्यप्रदेश के और 28 आदिवासी बच्चे भूख के पेट में छापें ई-मेल
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आपकी बात |   शिरीष खरे |  गुरुवार , 09 सितम्बर 2010
एएचआरसी यानी एशियन ह्यूमन राइटस् कमीशन के अनुसार मध्यप्रदेश में 28 बच्चों ने कुपोषण के चलते दम तोड़ दिया है। पीडित बच्चों के परिवार सरकारी योजनाओं के तहत भोजन और स्वास्थ्य के मद में दी जाने वाली सहायता से भी दूर हैं।

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बंगलादेश ने हड़प ली हमारी 685 एकड़ भूमि छापें ई-मेल
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आपकी बात |   बासुदेब पाल |  बुधवार , 08 सितम्बर 2010
दो साल पहले ही असम के राजस्व मंत्री भूमिधर वर्मन ने राज्य की विधानसभा में कहा था कि असम के 500 एकड़ से अधिक क्षेत्र पर बंगलादेश ने कब्जा कर लिया है। हाल ही में असम के मुस्लिमबहुल जिलों- धुबरी एवं करीमगंज के जिलाधिकारियों ने राज्य सरकार को जो रपट भेजी है उसमें कहा गया है कि असम की 684.93 एकड़ भूमि पर बंगलादेश ने कब्जा कर लिया है।

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गुलामी के राष्ट्र मंडल खेलों में शोषण का शिकार भारतीय बचपन छापें ई-मेल
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आपकी बात |   शिरीष खरे |  मंगलवार , 07 सितम्बर 2010
राष्ट्रमंडल खेल दिल्ली को दुनिया के बेहतरीन खेल शहरों में शामिल कर जाएंगे। यह अभी तक के सबसे मंहगे राष्ट्रमंडल खेल होंगे। यह अभी तक के सबसे सुरक्षित राष्ट्रमंडल खेल भी होंगे। राष्ट्रमंडल खेलों के सफल आयोजन के साथ ही भारत को एक आर्थिक महाशक्ति के रुप में पेश कर सकेंगे।

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शक्कर के विनियंत्रण से मँहगाई के तेवर और भी तीखे होंगे छापें ई-मेल
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आपकी बात |   सतीश सिंह |  सोमवार , 06 सितम्बर 2010
sugar.jpgएक बार फिर खाद्य व कृषि मंत्री श्री शरद पवार चर्चा में हैं। अब श्री पवार शक्कर के क्षेत्र को विनियंत्रित करने की जुगाड़ में हैं। श्री पवार ने 3 सितम्बर को प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह के समक्ष शक्कर के क्षेत्र को विनियंत्रित करने की योजना प्रस्तुत की है। इस खाके को अन्य मंत्रालयों के पास उनके सुझाव हेतु भेजने का भी विचार श्री पवार का है।

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महिलाओं की हालत सुधारने के दावे खोखले छापें ई-मेल
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आपकी बात |   शिरीष खरे |  शुक्रवार , 03 सितम्बर 2010
महिलाओं को पुरुषों के बराबर अधिकार देने के तमाम सरकार दावों के बावजूद देश में महिलाओं की स्थिति अच्छी नहीं है. देश में महिलाओं की स्थितियों में सुधार की गति दावों के मुकाबले बहुत धीमी है और हकीकत आज भी इन दावों को कोसो दूर है. हकीकत पर रौशनी डालती क्राई की यह रिपोर्ट.

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सड़ते अनाज की आग में जलती जनता छापें ई-मेल
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आपकी बात |   सतीश सिंह |  शुक्रवार , 03 सितम्बर 2010
लगता है कि विवाद और शरद पवार के बीच चोली-दामन का रिश्ता कायम हो गया है। दरअसल इधर कुछ सालों से कृषि एवं खाद्य आपूर्ति मंत्री श्री शरद पवार लगातार विवादों में रह रहे हैं। कभी आईपीएल को लेकर तो कभी शक्कर के कारण। उनका दूध के दाम को बढ़ाने वाला बयान भी काफी विवादास्पद रहा था।

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पुलिस का आतंक छीन लेता है हमारी संवेदनाएँ छापें ई-मेल
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आपकी बात |   सतीश सिंह |  गुरुवार , 02 सितम्बर 2010
भारत में पुलिस का आतंक इस हद तक नकारात्मक है कि आम आदमी हमेशा पुलिस से बचने की कोशिश करता है। पुलिस की डर की वजह से ही हमारे देश में बहुत से घायल या बीमार सड़क पर पड़े-पड़े ही दम तोड़ देते हैं, पर उसे कोई अस्तपताल तक नहीं पहुँचाता है।

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हर साल कहाँ गायब हो जाते हैं 45 हजार बच्चे छापें ई-मेल
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आपकी बात |   शिरीष खरे |  मंगलवार , 31 अगस्त 2010
क्या आप जानते हैं कि भारत के ग्रामीण इलाकों में तीन साल से कम उम्र के 40% बच्चों का वजन औसत से कम है, जबकि 45% का विकास सही तरीके से नहीं हो पाता है। बच्चों को पोषणयुक्त भोजन मुहैया कराने के मामले में भारत अपने पड़ोसी देश बांग्लादेश और नेपाल से भी पीछे है।

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मैदान में उतरा ‘गाँधी’ ! छापें ई-मेल
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आपकी बात |   संजय द्विवेदी |  सोमवार , 30 अगस्त 2010
rahulgandhi01.jpgपिछले कई महीनों से संसद के अंदर और बाहर कॉंग्रेस की सरकार की छवि मलिन होती रही, देश की जनता महंगाई की मार से तड़पती रही। भोपाल गैस त्रासदी के सवाल हों या महंगाई से देश में आंदोलन और बंद, किसी को पता है तब राहुल गाँधी कहाँ थे? मनमोहन सिंह इन्हीं दिनों में एक लाचार प्रधान मंत्री के रूप में निरूपित किए जा रहे थे किंतु युवराज उनकी मदद के लिए नहीं आए।

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