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| दिल से दिवाली मनाते हैं अमरीका में बसे भारतीय |
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| अप्रवासी भारतीय | Written by डैलस, अमरीका से रचना श्रीवास्तव | शुक्रवार , 16 अक्टूबर 2009 | |
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रामलीला के मंच से जब भी जय श्रीरामचंद्र की जया का उद्घोष पूरा प्रांगण इस उद्घोष से गूँज उठता था। रामलीला के समापन के बाद बहुत सुंदर आतिशबाजी और लेज़र शो हुआ जिसने रामलीला की प्रस्तुति को और भी यादगार बना दिया। इस के बाद मंच पर बूगी वूगी के विजेताओं के नृत्य ने समाँ बांध दिया। वहाँ मौजूद लोग अभी कैलाश खेर को सुनना चाहते थे, क्योंकि तब तक रात के ११ बज चुके थे। दर्शको का धैर्य खोने लगा था पर कैलाश खेर के मंच पर आते ही सभी उन के सुरों की गंगा में बह चले। ये गीतों का सफ़र रात १२ बजे तक चला उस के बाद २६ फिट ऊँचा रावण दहन हुआ और पुनः बहुत ही सुंदर आतिशबाजी हुई। इस दौरान बारिश शुरु होने के बावजूद लोगों का उत्साह देखते ही बनता था सभी अपने बच्चों के साथ मेले के अंत तक वहाँ मौजूद रहे, न किसी ने जाने के बारे में सोचा न बच्चे वहाँ से जाने को राजी थे।
अगला दीपावली मेला कहाँ और कैसा होगा, पूछने पर सतीश जी ने कहा "अगली बार मेला स्टेडियम के अंदर ही करेंगे ताकि मौसम की वजह से परेशानी न हो। इस बार पानी ३ बजे बंद हुआ उस के बाद ही स्टेज बन सका और बिजली के सारे काम हो सके तो देरी हो गई थी अभी तो काऊबॉय स्टेडियम ही सोचा है आगे भगवान की मर्जी। इस मेले में आस पास के प्रदेशों से भी लोग आये थे। यहाँ उपस्थित लोगों में केवल भारतीय ही नहीं थे बल्कि पाकिस्तानी,श्रीलंका,नेपाली और अमेरिकन भी शामिल थे। इस मेले में हर रंग उपस्थित था। भाईचारे और प्रेम की मिसाल ये मेला अपने पूरे आकर्षण के साथ इसी उम्मीद से समाप्त हुआ कि अगले साल एक बार फिर भारतीय संस्कृति का यह महान पर्व अमरीका में बसे भारतीयों को ही नहीं बल्कि अन्य देशों के लोगों को भी भारतीय संस्कृति, परंपरा और मूल्यों से जोड़ने की दिशा में एक नया संदेश लेकर आएगा। Related items
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टिप्पणियाँ (7)
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अमेरिका के भारतीयों ,द्वारा दीपावली मनाएं जाने को पढकर अच्छा लगा !!
पल पल सुनहरे फूल खिले , कभी न हो कांटों का सामना ! जिंदगी आपकी खुशियों से भरी रहे , दीपावली पर हमारी यही शुभकामना !! 1 अवांच्छित दर्ज करें
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अक्टूबर 17, 2009
मत: +1
Great article yaar. You really are rich in selecting words....
Thank you for writing such beautiful article. sonal 2 अवांच्छित दर्ज करें
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अक्टूबर 19, 2009
मत: +1
This article is fantastic..
Aapki lekhanni ne majaa laa diyaa... Bahut hi sundar varnan hai.. Is adbhut lekhan ke liye bahut bahut badhaayiyaan... Thanks for such nice words and detailed coverage of Raam leela... You have really made our efforts look fantastic!! ~Jayant Team Raam Leela 3 अवांच्छित दर्ज करें
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अक्टूबर 20, 2009
मत: +0
आप सभी का धन्यवाद
रचना 4 अवांच्छित दर्ज करें
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अक्टूबर 20, 2009
मत: +1
bahut achcha lagaa jaankar, vese deep parva ka yah aanand ham kanhi bhi rahe uthaanaa jaante he, kintu is dildaari se videsh me bhi parv aap kog manate he, mujhe apane bharat par fir garv kese naa ho/
aapko deepavali ki shubhkamnaye/ 5 अवांच्छित दर्ज करें
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अक्टूबर 20, 2009
मत: +0 टिप्पणी लिखें
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जब आँखें दीपावली की रौनक तलाश रही हों ,दिए की रौशनी और आतिशबाजी के चकाचौंध में खोना जाना चाहती हों और उनको कुछ भी न मिले तो ऐसे में देश बहुत याद आता है। हमारी इन्हीं सोचों के ध्यान में रखते हुए हर साल टैक्सास में दीपावली का मेला सजाया जाता है इस बार डैलस टैक्सस में चौथा दीवाली मेला सम्पन हुआ। यहाँ मेले जैसा ही मौहाल था कोई करतब दिखा रहा था तो कहीं बच्चे हाथी और ऊँट की सवारी कर रहे थे तो कहीं जम्प हाउस पर कूद रहे थे। एक स्टेज पर स्थानीय लोग अपना कार्यक्रम प्रस्तुत कर रहे थे। यहीं पर मेजिक शो भी चल रहा था यहाँ बच्चों की खासी भीड़ थी। मुख्य स्टेज पर भारत के विभिन्न प्रान्तों के नृत्य हुए जिस की बहुत सराहना हुई। मेले का मुख्य आकर्षण था रामलीला और कैलाश खेर का कॉन्सर्ट।
जान से जुटे थे। मंच के पीछे नींव के पत्थर रहे, मुकुल सरन, विनोद जी,असित, राधिका गोयल और नीतू जिन के अथक प्रयास से ये राम लीला यादगार बन गई रामायण के पात्र जिन्होंने बहुत आकर्षित किया दशरथ (नन्द लाल) रावण (प्रकाश कागन), मंदोदरी (करिश्मा), राम (जयंत), विभीषण (गर्ग जी), सीता (नंदिता) के साथ ही हर कलाकार के अभिनय और संवाद का जादू दर्शकों के सिर चढ़कर बोल रहा था। रामलीला हो और वानर सेना की धमाल न हो तो फिर कैसी रामलीला, वानर सेना में वानर बने बच्चे अपनी उछलकूद और मस्ती से असली बंदरों को मात कर रहे थे।
रह। विभिन्न आयोजनों का आनंद लेते रहे। जब हमने सतीश गुप्ता जी से पूछा इतनी बारिश के बाद भी मेला इतना सफल रहा तो इस का श्रेय आप किस को देना चाहते हैं तो कहने लगे कि "ये सारी मेहनत हमारी टीम के सदस्यों की है सभी ने दिन-रात एक कर के काम किया है।इस बारिश में और रविवार की शाम होते हुए भी ५० हजार से भी ज्यादा लोग आये थे। सभी का हृदय से धन्यवाद है।
